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Kedarnath Dham Story: पांडवों का प्रायश्चित, पंचकेदार की उत्पत्ति, भीमशिला और बाबा केदार की दिव्य महिमा

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  केदारनाथ धाम की सम्पूर्ण कथा और इतिहास  महादेव के दिव्य निवास, पांडवों के प्रायश्चित और मोक्ष की अनंत यात्रा प्रस्तावना हिमालय की बर्फीली चोटियों के मध्य, मंदाकिनी नदी के पावन तट पर स्थित केदारनाथ धाम केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि आस्था, तपस्या और मोक्ष का दिव्य केंद्र है। यह वही स्थान है जहाँ महाभारत के युद्ध के बाद पांडव अपने पापों के प्रायश्चित के लिए आए थे। यही वह भूमि है जहाँ स्वयं भगवान शिव ने अपने भक्तों को दर्शन देकर उन्हें पापों से मुक्त किया था। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में विशेष स्थान रखने वाला केदारनाथ धाम सदियों से करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। --- केदारनाथ नाम की उत्पत्ति 'केदारनाथ' दो शब्दों से मिलकर बना है— केदार और नाथ। 'नाथ' का अर्थ है स्वामी या प्रभु, जबकि 'केदार' के विषय में अनेक मान्यताएँ प्रचलित हैं। कुछ विद्वानों के अनुसार यह क्षेत्र प्राचीन काल में जल और दलदल से युक्त था, इसलिए इसे 'केदार' कहा गया। वहीं पुराणों में वर्णन मिलता है कि सतयुग में राजा केदार ने इस भूमि पर कठोर तपस्या की थी, जिसके कारण इस क्षेत्र का नाम ...