Lord Khandoba Story – खंडोबा की पौराणिक कथा, Jejuri Temple aur Haldi Utsav
खंडोबा की कथा: महाराष्ट्र के लोकदेवता और धर्म की विजय की अमर गाथा प्रस्तावना महाराष्ट्र की पवित्र भूमि पर स्थित जेजुरी का खंडोबा मंदिर केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि आस्था, वीरता और लोकसंस्कृति का जीवंत प्रतीक है। पहाड़ी पर स्थित यह प्राचीन तीर्थ भगवान खंडोबा की महिमा से जुड़ा हुआ है, जिनकी पूजा आज भी लाखों श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा और भक्ति से करते हैं। जब जेजुरी में हल्दी की वर्षा होती है और पूरा वातावरण सुनहरे रंग में रंग जाता है, तब ऐसा प्रतीत होता है मानो स्वयं देवता अपने भक्तों को आशीर्वाद देने उतर आए हों। खंडोबा कौन हैं? खंडोबा को भगवान शिव का लोकावतार माना जाता है। उन्हें मल्हारी मार्तंड, मल्लारी और मल्लारदेव जैसे नामों से भी जाना जाता है। वे केवल युद्ध के देवता ही नहीं हैं, बल्कि किसानों, पशुपालकों, चरवाहों और सामान्य जनों के रक्षक भी माने जाते हैं। महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना के अनेक समुदाय उन्हें अपना कुलदेवता मानकर पूजते हैं। ' खंडोबा' नाम कैसे पड़ा? खंडोबा के नाम के पीछे भी एक रोचक मान्यता जुड़ी हुई है। कहा जाता है कि उनके हाथ में एक विशेष प्रकार की तलवार होती थी, जि...