Suvarnamaccha and Hanuman Story from Ramakien & Reamker Ramayana | रामकियेन और रामकेर रामायण में सुवर्णमछा और हनुमान जी की कथा
सुवर्णमछा: रावण की जलपरी पुत्री और हनुमान जी से जुड़ी अद्भुत कथा प्रस्तावना रामायण केवल भगवान श्रीराम, माता सीता और हनुमान जी की कथा ही नहीं है, बल्कि यह विभिन्न देशों और संस्कृतियों में अलग-अलग रूपों में जीवित एक महान महाकाव्य भी है। भारत में प्रचलित वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस के अतिरिक्त थाईलैंड, कम्बोडिया, इंडोनेशिया तथा दक्षिण-पूर्व एशिया के अनेक देशों में भी रामायण की अपनी-अपनी परंपराएँ हैं। इन्हीं परंपराओं में एक अत्यंत रोचक और लोकप्रिय पात्र हैं सुवर्णमछा। उनका नाम संस्कृत के दो शब्दों—‘सुवर्ण’ अर्थात सोना और ‘मत्स्य’ अर्थात मछली—से मिलकर बना है। इसलिए उन्हें "सोने की मछली" या "स्वर्ण जलपरी" भी कहा जाता है। हालाँकि भारतीय रामायणों में उनका उल्लेख नहीं मिलता, लेकिन थाईलैंड की रामकियेन और कम्बोडिया की रामकेर में सुवर्णमछा एक महत्वपूर्ण पात्र हैं। --- कौन थीं सुवर्णमछा? दक्षिण-पूर्व एशियाई रामायण परंपराओं के अनुसार सुवर्णमछा लंका के राजा रावण की पुत्री थीं। उनका स्वरूप अत्यंत अद्भुत था। अद्भुत रूप सुवर्णमछा का ऊपरी भाग एक सुंदर कन्या का था, जबकि निचला भाग ...