Sanjaya in Mahabharata: Complete Biography, Divine Vision & Bhagavad Gita | महाभारत के संजय का संपूर्ण जीवन परिचय
महाभारत के संजय: दिव्यदृष्टि वाले महाज्ञानी का संपूर्ण जीवन परिचय प्रस्तावना महाभारत में जब भी महान पात्रों की चर्चा होती है, तो भीष्म, श्रीकृष्ण, अर्जुन, कर्ण और विदुर जैसे नाम सबसे पहले याद आते हैं। लेकिन एक ऐसा पात्र भी था जिसने स्वयं कोई शस्त्र नहीं उठाया, फिर भी पूरे महाभारत का सबसे महत्वपूर्ण साक्षी बन गया। वह थे संजय। संजय केवल महाराज धृतराष्ट्र के सारथी नहीं थे, बल्कि सत्य के उपासक, महर्षि वेदव्यास के शिष्य, श्रीमद्भगवद्गीता के प्रथम श्रोताओं में से एक और महाभारत युद्ध के निष्पक्ष वर्णनकर्ता थे। उनका जीवन ज्ञान, कर्तव्य, निष्ठा और वैराग्य का अद्भुत संगम है। आइए जानते हैं महाभारत के इस विलक्षण पात्र का संपूर्ण जीवन। — संजय का जन्म और प्रारंभिक जीवन महाभारत के महान पात्र संजय का जन्म सूत कुल में हुआ था। उनके पिता का नाम गावल्यगण (गावल्गण) था, इसलिए उन्हें गावल्गणि संजय भी कहा जाता है। प्राचीन भारत में सूत केवल सारथी ही नहीं, बल्कि राजाओं के विश्वसनीय सहयोगी, दूत और इतिहास के ज्ञाता भी माने जाते थे। संजय बचपन से ही अत्यंत बुद्धिमान, विनम्र और धर्मनिष्ठ थे। उन्होंने वेद, धर्म...